हमारी समस्त पूजा सेवाएं
महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में आचार्य जी द्वारा शास्त्रों में वर्णित विधि से की जाने वाली समस्त पूजाओं की विस्तृत सूची।
कालसर्प दोष पूजा
Kaal Sarp Dosh Puja
कालसर्प दोष के नकारात्मक प्रभावों को दूर कर जीवन में सुख, शांति और बार-बार आने वाली बाधाओं से मुक्ति दिलाती है।
मंगल दोष पूजा
Mangal Dosh Puja
कुंडली में मंगल दोष के प्रभाव को शांत कर विवाह में आ रही बाधाओं, वैवाहिक विलंब और दांपत्य जीवन के कलह को दूर करती है।
नव ग्रह शांति पूजा
Navgrah Shanti Puja
कुंडली के सभी नौ ग्रहों को शांत कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, संतुलन और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है।
महामृत्युंजय जाप
Mahamrityunjay Jaap
उत्कृष्ट स्वास्थ्य, दीर्घायु, और असाध्य रोगों व अकाल मृत्यु के भय से सुरक्षा प्रदान करने वाला अत्यंत शक्तिशाली वैदिक मंत्र जाप।
अंगारक दोष पूजा
Angarak Dosh Puja
मंगल और राहु की युति से बनने वाले अंगारक दोष के दुष्प्रभाव को शांत कर उग्रता, क्रोध तथा दुर्घटनाओं से रक्षा करती है।
गुरु चांडाल दोष
Guru Chandal Dosh Puja
बृहस्पति और राहु की अशुभ युति को शांत कर बुद्धि की शुद्धि, मानसिक भ्रम की समाप्ति और ज्ञान व यश की पुनः प्राप्ति कराती है।
शिव पूजन एवं रुद्र अभिषेक
Rudrabhishek
पंचामृत, गंगाजल, शहद व बेलपत्र से देवाधिदेव महादेव का अभिषेक, जो सभी कष्टों का नाश कर परम कल्याण करता है।
वैदिक वास्तु शांति
Vedic Vastu Shanti
नवीन गृह प्रवेश या व्यावसायिक स्थल पर वास्तु दोषों के निवारण हेतु वैदिक यज्ञ, जो सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
पितृ दोष पूजा
Pitri Dosh Puja
पितरों की संतुष्टि हेतु नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध आदि वैदिक अनुष्ठान, जो पारिवारिक सुख, संतान प्राप्ति और वंश वृद्धि में सहायक हैं।
ग्रहण दोष पूजा
Grahan Dosh Puja
सूर्य या चंद्र ग्रहण के समय जन्म होने पर कुंडली में बने ग्रहण दोष के अशुभ प्रभावों को दूर कर मानसिक शांति और भाग्य वृद्धि कराने वाली विशेष पूजा।
ऑनलाइन पूजा बुकिंग
Book Online Puja
यदि आप उज्जैन आने में असमर्थ हैं, तो घर बैठे लाइव वीडियो कॉल द्वारा आचार्य जी से संकल्प व पूजा संपन्न करवाएं।
पूजा विधि एवं आवश्यक सामग्री | Puja Vidhi & Samagri List
उज्जैन में सम्पन्न होने वाली मुख्य वैदिक पूजाओं की प्रमाणिक विधि एवं आवश्यक सामग्री की सूची।
कालसर्प दोष पूजा विधि (Kaal Sarp Dosh Puja Vidhi in Ujjain)
राहु-केतु के अरिष्ट प्रभाव को शांत करने की शास्त्रीय विधि
list_alt पूजा के मुख्य चरण (Step-by-Step Vidhi):
- शिप्रा स्नान व शुद्धि: यजमान पूजा से पूर्व स्नान कर पवित्र होते हैं।
- संकल्प: गोत्र, नाम और मनोकामना के साथ पूजा का संकल्प लिया जाता है।
- गणेश-गौरी पूजन: सभी विघ्नों के नाश के लिए आदिदेव गणेश का पूजन।
- नवग्रह पूजन: नौ ग्रहों की शांति और अनुकूलता के लिए ध्यान व अर्घ्य।
- राहू-केतु एवं सर्प देव पूजन: सोने, चांदी या तांबे के नाग-नागिन के जोड़े का पूजन।
- महाकाल रुद्र अभिषेक: शिवलिंग पर दूध, जल व शहद से अभिषेक।
- हवन व पूर्णाहुति: सर्प सूक्त मंत्रों से यज्ञ में आहुति देना।
- विसर्जन: नाग-नागिन के जोड़े का शिप्रा नदी में विसर्जन।
inventory_2 आवश्यक पूजा सामग्री (Samagri List):
- स्वर्ण, रजत या तांबे के नाग-नागिन का जोड़ा (1 जोड़ा)
- काले और सफेद सूती कपड़े (1.25 मीटर प्रत्येक)
- गंगाजल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
- काले तिल, जौ, राई, कुशा, दूर्वा, बेलपत्र व धतूरा
- धूप, कपूर, घी का दीपक, अक्षत (बिना टूटे चावल)
- जनेऊ जोड़ा, मौली धागा, सुपारी व नारियल
- हवन सामग्री, आम की समिधा (लकड़ी)
- ऋतु फल, मिठाई व नागदेव के लिए नैवेद्य
शुभ पूजा मुहूर्त 2026 | Auspicious Puja Dates
उज्जैन में कालसर्प दोष, मंगल दोष पूजा व रुद्र अभिषेक हेतु वर्ष 2026 के सबसे शुभ नक्षत्र और तिथियां।