शिव पूजन एवं रुद्र अभिषेक
देवाधिदेव महादेव के पंचामृत अभिषेक से सभी कष्टों, ऋणों और नकारात्मक ऊर्जाओं का शमन
रुद्र अभिषेक क्या है और इसके लाभ?
रुद्र अभिषेक भगवान शिव की सबसे प्रभावशाली और प्राचीन पूजा विधि है। इसमें शिवलिंग पर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शर्करा), गंगाजल, चंदन, बेलपत्र और पवित्र जड़ी-बूटियों से अभिषेक किया जाता है। रुद्र अभिषेक उन व्यक्तियों के लिए अत्यंत लाभकारी है जो जीवन में लगातार बाधाओं, ऋण (कर्ज) के बोझ, पारिवारिक कलह, न्यायालय के मुकदमों या किसी भी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों से पीड़ित हैं। शिव पुराण के अनुसार रुद्र अभिषेक से प्राप्त पुण्य अश्वमेध यज्ञ के समान होता है।
उज्जैन में पूजा का महत्व:
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में स्थित ज्योतिर्लिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी लिंग है। यहाँ प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती विश्वप्रसिद्ध है। महाकाल की इस पावन नगरी में किया गया रुद्र अभिषेक अत्यंत शीघ्रफलदायी होता है।
पूजा विधि (Step-by-Step Vidhi)
-
1संकल्प एवं गणपति पूजन: यजमान द्वारा कष्ट निवारण या मनोकामना पूर्ति का संकल्प और विघ्नहर्ता गणेश जी का पूजन।
-
2शिव आवाहन व स्थापना: शिवलिंग की विधिवत स्थापना, षोडशोपचार पूजन और शिव का आवाहन।
-
3रुद्री पाठ: श्री रुद्राष्टाध्यायी/रुद्री पाठ का वैदिक ब्राह्मणों द्वारा सामूहिक पारायण।
-
4पंचामृत अभिषेक: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से शिवलिंग का अभिषेक, इसके बाद गंगाजल, चंदन और कपूर से।
-
5बिल्वार्चन एवं हवन: 108 बेलपत्र, धतूरा फल व आक पुष्प से पूजन के बाद शुद्ध घी व समिधा से रुद्र हवन।
-
6आरती, प्रसाद व दान: महादेव की आरती, प्रसाद वितरण और ब्राह्मण को दक्षिणा व वस्त्र दान।
आवश्यक पूजा सामग्री (Samagri List)
तत्काल पूजा बुकिंग
शुभ मुहूर्त की जानकारी और उज्जैन में पूजा बुक करने के लिए आचार्य जी से संपर्क करें।
calendar_month शुभ पूजा मुहूर्त 2026
प्रदोष काल में रुद्र अभिषेक सर्वश्रेष्ठ
शिव का प्रिय वार
वार्षिक सर्वश्रेष्ठ अवधि
* तिथियां पंचांग भेद के अनुसार परिवर्तित हो सकती हैं, अधिक मुहूर्त के लिए कृपया सीधे संपर्क करें।
ऑनलाइन संकल्प पूजा सुविधा
यदि आप व्यक्तिगत रूप से उज्जैन आने में असमर्थ हैं, तो घर बैठे लाइव वीडियो कॉल द्वारा आचार्य जी से संकल्प के साथ पूजा संपन्न करवाएं।